
प्रमुख हिन्दी प्रस्तुतियाँ
पिछले दो दशकों से अधिक समय से साध्वीजी भारत के प्रमुख टेलीविज़न चैनलों, राष्ट्रीय मंचों, आध्यात्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नियमित रूप से अपने विचार साझा करती रही हैं। उन्होंने अपने कालातीत आध्यात्मिक संदेशों से देशभर के लाखों लोगों को प्रेरित किया है। यहाँ साध्वीजी के सबसे महत्वपूर्ण हिन्दी साक्षात्कारों, प्रवचनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों का एक चयनित संग्रह प्रस्तुत है।

प्रमुख टेलीविजन संवाद

महाकुंभ का सच्चा संदेश: स्वार्थ से परमार्थ की यात्रा
2025
महाकुंभ 2025 के दौरान आज तक के विशेष कार्यक्रम में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि कुंभ केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि आत्म-मंथन, अहंकार के त्याग और भीतर की पूर्णता को पहचानने का अवसर है। वे समझाती हैं कि सच्चा अमृत बाहर नहीं, बल्कि इस अनुभूति में है कि हम केवल शरीर नहीं, दिव्य आत्मा हैं—और यही अनुभव हमें स्वार्थ से परमार्थ की ओर ले जाता है।
क्या सनातन आज की दुनिया की सबसे बड़ी आवश्यकता है?
2026
रिपब्लिक भारत के Goddess Power of Sanatan सम्मेलन में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि सनातन केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी सार्वभौमिक दृष्टि है जो मानवता के सामने खड़ी आधुनिक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करती है। वे मनोविज्ञान, विज्ञान और आध्यात्मिकता को जोड़ते हुए दिखाती हैं कि सच्चा परिवर्तन तब शुरू होता है जब जीवन का प्रश्न “मेरे लिए क्या?” से बदलकर “मेरे माध्यम से क्या?” बन जाता है।

योग: आसन से आगे, जीवन जीने की कला
2025
संसद टीवी के इस विशेष संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण कला है। वे यम-नियम, सेवा, आत्मकरुणा और जागरूक जीवन के माध्यम से समझाती हैं कि सच्चा योग हमें स्वयं, समाज, प्रकृति और परमात्मा से पुनः जोड़ता है।

प्रमुख टेलीविजन संवाद
2025
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर टीवी9 भारतवर्ष से इस विशेष बातचीत में, साध्वी भगवती सरस्वती जी साझा करती हैं कि कैसे योग ने बाहरी सफलता की खोज को आंतरिक शांति, संतुलन और आनंद की यात्रा में बदल दिया। वे बताती हैं कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का अभ्यास भर नहीं, बल्कि मन, हृदय और आत्मा को रूपांतरित करने का मार्ग है—और क्यों प्रतिदिन केवल कुछ मिनटों का अभ्यास भी जीवन में गहरा परिवर्तन ला सकता है।
प्रमुख आध्यात्मिक मंच
महाकुंभ: जहाँ आप स्वयं को पाते हैं
2025
प्रयागराज महाकुंभ में पूज्य मोरारी बापू की पावन रामकथा के दौरान, साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि महाकुंभ केवल पवित्र स्नान का पर्व नहीं, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने की आध्यात्मिक यात्रा है। वे साझा करती हैं कि सनातन संस्कृति प्रेम, एकता और आत्मबोध का ऐसा मार्ग दिखाती है, जो अकेलेपन, तनाव और आधुनिक जीवन की चुनौतियों का गहरा समाधान प्रस्तुत करता है।
सच्चा सुख किसका इंतज़ार कर रहा है?
2026
परमार्थ निकेतन में पूज्य भाईश्री जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा के दौरान, साध्वी भगवती सरस्वती जी जीवन के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न पर प्रेरित करती हैं—यदि सच्चा सुख भीतर है, तो हम उसे कल पर क्यों टालते हैं? वे समझाती हैं कि श्रीमद्भागवत हमें सिखाती है कि आध्यात्मिक जीवन किसी भविष्य की योजना नहीं, बल्कि इसी क्षण शुरू होने वाली यात्रा है, जहाँ भगवान का स्मरण, सेवा और समर्पण हमें शांति, आनंद और मुक्ति की ओर ले जाते हैं।
बड़ा नहीं, बढ़िया बनिए
2025
महाकुंभ 2025 में पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की दिव्य हनुमंत कथा के दौरान, साध्वी भगवती सरस्वती जी हनुमान जी के जीवन से भक्ति, विनम्रता और गुरु कृपा का अमूल्य संदेश साझा करती हैं। वे बताती हैं कि सच्ची सफलता बाहरी उपलब्धियों या बड़ा बनने में नहीं, बल्कि भगवान के स्मरण, निःस्वार्थ सेवा और श्रेष्ठ चरित्र में है। हनुमान जी का जीवन हमें सिखाता है कि जब हृदय भक्ति से भर जाता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
कथा सुनिए नहीं, उसे जीइए
2026
परमार्थ निकेतन में पूज्य मुरलीधर जी महाराज की 34 दिवसीय श्रीराम कथा के समापन पर, साध्वी भगवती सरस्वती जी एक प्रेरक संदेश देती हैं कि आध्यात्मिक जीवन केवल कथा सुनने तक सीमित नहीं होना चाहिए। वे बताती हैं कि सच्ची साधना तब शुरू होती है जब हम अपने घर, परिवार और समाज में लौटकर भगवान राम के आदर्शों को जीना प्रारम्भ करते हैं। रामराज्य किसी स्थान से नहीं, बल्कि हमारे प्रत्येक विचार, शब्द और कर्म से प्रारम्भ होता है।
राष्ट्रीय मंच एवं विशेष संवाद
हॉलीवुड की सोच से हिमालय की सोच तक
2025
साहित्य आज तक 2025 के विशेष सत्र ‘आओ बदलें अपना जीवन’ में, साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि जीवन का वास्तविक परिवर्तन बाहर की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि भीतर की चेतना से शुरू होता है। वे युवाओं के तनाव, आत्म-मूल्य, डिजिटल जीवन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, योग, ध्यान और जीवन के उद्देश्य पर गहन संवाद करते हुए समझाती हैं कि सच्ची सफलता ‘हॉलीवुड की सोच’ से ‘हिमालय की सोच’ की ओर यात्रा में है—जहाँ प्रतिस्पर्धा की जगह करुणा, संग्रह की जगह सेवा और बाहरी उपलब्धियों की जगह आत्मबोध जीवन का आधार बनते हैं।
“मेरे लिए क्या?” से “मेरे द्वारा क्या?” तक
2026
सुलभ इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में, साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि धर्म का वास्तविक स्वरूप केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, स्वच्छता, समानता और मानवीय गरिमा को जीवन में उतारना है। वे स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ते हुए प्रेरित करती हैं कि जीवन का सबसे बड़ा प्रश्न “मुझे क्या मिलेगा?” नहीं, बल्कि “मेरे द्वारा क्या होगा?” होना चाहिए।
नारी शक्ति: करुणा, साहस और आत्मबल की पहचान
2026
आज तक के ‘विकसित उत्तराखंड’ मंच पर महिला सशक्तिकरण पर आयोजित विशेष चर्चा में, साध्वी भगवती सरस्वती जी भारतीय नारी की अद्भुत शक्ति, सहनशीलता और आध्यात्मिक सामर्थ्य पर प्रकाश डालती हैं। वे बताती हैं कि सच्चा सशक्तिकरण केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि करुणा, आत्मबल, सेवा और अपनी विशिष्ट स्त्री शक्ति को अपनाने में है। वे हिमालय की महिलाओं से मिले जीवन-पाठ साझा करते हुए बताती हैं कि यही चेतना परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देती है.

जब विज्ञान सनातन की पुष्टि करता है
2026
अमर उजाला के इस विशेष संवाद में, साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि आधुनिक विज्ञान, मनोविज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भी सनातन धर्म की शिक्षाएँ पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। वे समझाती हैं कि प्राणायाम, मंत्र, ध्यान, चेतना और मानव एकता जैसे सिद्धांत, जिन्हें भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले जाना था, आज विज्ञान भी स्वीकार करने लगा है। साथ ही वे बताती हैं कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच सच्चा सुख, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय संबंधों की रक्षा क्यों पहले से अधिक आवश्यक हो गई है।
विशेष संवाद
आप ‘ह्यूमन डूइंग’ नहीं, ‘ह्यूमन बीइंग’ हैं
2023
इंडिया न्यूज़ के ‘हम महिलाएँ’ कार्यक्रम में, साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि आज की महिला केवल भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का बोझ उठाने के लिए नहीं बनी है। योग, आध्यात्मिकता और आत्मबोध के माध्यम से वे समझाती हैं कि सच्ची स्वतंत्रता तब मिलती है जब हम स्वयं को केवल शरीर या उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अपने भीतर की दिव्यता से पहचानते हैं। यही दृष्टिकोण तनाव को शांति और संघर्ष को उद्देश्य में बदल देता है.
क्या बचपन आज भी आपके जीवन को चला रहा है?
2026
द पीएमसी शो के इस विशेष संवाद में, साध्वी भगवती सरस्वती जी आधुनिक मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से समझाती हैं कि बचपन के अनुभव हमारे अवचेतन मन को कैसे आकार देते हैं। वे बताती हैं कि ध्यान, मंत्र और साधना केवल मन को शांत करने के अभ्यास नहीं, बल्कि गहरे स्तर पर हमारी मानसिक संरचना को रूपांतरित करने के शक्तिशाली साधन हैं, जिससे हम पुराने आघातों, भय और सीमित मान्यताओं से मुक्त होकर अधिक शांत, जागरूक और आनंदपूर्ण जीवन जी सकते हैं।

आध्यात्मिकता: बदलती दुनिया के लिए कालातीत समाधान
2017
हिंदुस्तान शिखर समागम 2017 में अमृत साधना जी के साथ इस विशेष संवाद में, साध्वी भगवती सरस्वती जी आधुनिक जीवन की चुनौतियों, मानसिक शांति और आध्यात्मिकता की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा करती हैं। देश के प्रमुख नीति-निर्माताओं, विचारकों और सांस्कृतिक हस्तियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित मंच पर वे बताती हैं कि सनातन ज्ञान आज भी व्यक्तिगत, सामाजिक और वैश्विक परिवर्तन का एक शक्तिशाली मार्गदर्शक है।
सच्ची समृद्धि दिल में होती है, बैंक खाते में नहीं
2022
इस प्रेरक संवाद में, साध्वी भगवती सरस्वती जी साझा करती हैं कि भारत और यहाँ के लोगों—विशेषकर बच्चों—ने उन्हें जीवन का सबसे बड़ा सत्य सिखाया। वे बताती हैं कि वास्तविक समृद्धि धन, सफलता या बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, उदारता और साझा करने की भावना में है। “मेरे लिए क्या?” से “मेरे द्वारा क्या?” तक की यह यात्रा दिखाती है कि सच्चा आनंद पाने में नहीं, बल्कि देने में है।`
संपूर्ण हिन्दी मीडिया संग्रह
साध्वी भगवती सरस्वती जी के हिन्दी साक्षात्कारों, प्रवचनों, समाचार कवरेज, आध्यात्मिक संदेशों और सार्वजनिक कार्यक्रमों का विस्तृत संग्रह।


India TV: महाकुंभ और सनातन का वैश्विक संदेश
महाकुंभ के अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि क्यों आज पूरा विश्व सनातन धर्म, योग और ध्यान की ओर आकर्षित हो रहा है। वे समझाती हैं कि आत्मबोध, एकता और चेतना का यह मार्ग आधुनिक जीवन की चुनौतियों का कालातीत समाधान प्रस्तुत करता है।

Republic Bharat : हॉलीवुड से हिमालय: सनातन की वैश्विक यात्रा
साध्वी भगवती सरस्वती जी की प्रेरक जीवन-यात्रा और सनातन धर्म के वैश्विक संदेश पर एक विशेष प्रस्तुति। वे साझा करती हैं कि कैसे योग, आत्मबोध और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा आज विश्वभर के लोगों को शांति, उद्देश्य और आंतरिक परिवर्तन की ओर आकर्षित कर रही है।

News 18 India: महाकुंभ: विश्व के लिए शांति का संदेश
महाकुंभ के आध्यात्मिक अनुभव, भक्ति की शक्ति और विश्व के लिए उसके सार्वभौमिक संदेश पर विशेष संवाद। साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि महाकुंभ हमें एकता, समर्पण और भीतर के परिवर्तन का मार्ग दिखाता है।

DD News : हॉलीवुड से हिमालय: भीतर की यात्रा
डीडी न्यूज़ के इस विशेष संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी अपनी जीवन-यात्रा के माध्यम से बताती हैं कि सच्चा परिवर्तन बाहरी सफलता से नहीं, बल्कि आत्मबोध से शुरू होता है। वे महाकुंभ, वसुधैव कुटुम्बकम् और सनातन के वैश्विक संदेश को आधुनिक जीवन, तकनीक और मानवता के भविष्य से जोड़ती हैं.

News 24: कुंभ मंथन: सनातन का अमृत संदेश
न्यूज़24 के विशेष कार्यक्रम कुंभ मंथन में साध्वी भगवती सरस्वती जी और साध्वी ओम प्रभा भारती जी महाकुंभ, सनातन संस्कृति और आधुनिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर सारगर्भित संवाद प्रस्तुत करती हैं।

News Nation Digital: विश्व के साथ दीपावली का उत्सव
परमार्थ निकेतन में मनाए गए दीपावली महोत्सव में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि सनातन का प्रकाश सीमाओं से परे है। विश्वभर से आए लोगों के साथ मनाया गया यह उत्सव वसुधैव कुटुम्बकम्, एकता और मानवता के साझा उत्सव का सुंदर संदेश देता है.

One India Hindi: सनातन: समय और सीमाओं से परे
साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि सनातन केवल एक प्राचीन परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने की शाश्वत कला है। वे समझाती हैं कि वसुधैव कुटुम्बकम्, करुणा और समस्त सृष्टि में दिव्यता का दर्शन आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक है।

ANI: माघ पूर्णिमा: पूर्णता का दिव्य अनुभव
संगम में पवित्र स्नान के बाद साध्वी भगवती सरस्वती जी महाकुंभ के आध्यात्मिक अनुभव, राष्ट्रीय एकता और मानवता के संदेश को साझा करती हैं। वे बताती हैं कि सच्चा संगम केवल नदियों का नहीं, बल्कि हृदयों, संस्कृतियों और समूची मानवता का है।

Jansatta: महाकुंभ: आत्मदर्शन का अवसर
साध्वी भगवती सरस्वती जी साझा करती हैं कि महाकुंभ केवल संगम में स्नान नहीं, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप का अनुभव करने का अवसर है। वे बताती हैं कि आत्मबोध ही जीवन की अधूरी तलाश, तनाव और अकेलेपन का वास्तविक समाधान है।

TV9 Bharatvarsh: सनातन: पूरी मानवता के लिए एक मार्ग
टीवी9 भारतवर्ष के इस विशेष संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि सनातन केवल भारत की विरासत नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए जीवन जीने की एक सार्वभौमिक दृष्टि है। वे महाकुंभ, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण, विश्व शांति और वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को आधुनिक विश्व की चुनौतियों से जोड़ते हुए समझाती हैं कि भारत का प्राचीन ज्ञान आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।

Hind Aatma: विश्व धर्म संसद 2023: भारतीय आध्यात्मिक दृष्टि की वैश्विक आवाज़
शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद 2023 में साध्वी भगवती सरस्वती जी ने 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, अंतरधार्मिक सहयोग, मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक शांति पर अपने विचार साझा किए। यह वही ऐतिहासिक मंच है जहाँ 1893 में स्वामी विवेकानंद ने अपना अमर संबोधन दिया था।

Pavan Prabhat: लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित
अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित प्रतिष्ठित Lifetime Achievement Award से सम्मानित साध्वी भगवती सरस्वती जी को शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, अंतरधार्मिक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और निःस्वार्थ सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन वैश्विक योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

Amar Ujala: ‘कम होम टू योरसेल्फ’ का भव्य लोकार्पण
मुंबई राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, अनिल कपूर, दीया मिर्ज़ा, विवेक ओबेरॉय, कैलाश खेर तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में साध्वी भगवती सरस्वती जी की पुस्तक Come Home to Yourself का भव्य लोकार्पण सम्पन्न हुआ।

Sanskar TV: जैसा अन्न, वैसा मन
इस प्रेरक संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि ध्यान और भक्ति केवल मन की साधना नहीं, बल्कि पूरे जीवन की साधना है। वे समझाती हैं कि हमारा आहार, विचार और जीवनशैली सीधे मन की शुद्धता को प्रभावित करते हैं, और क्यों सात्त्विक जीवन आध्यात्मिक साधना को सहज, गहरा और आनंदमय बनाता है।

Sanskar TV: सच्ची भक्ति कैसे करें?
इस प्रेरक संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ या अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और ईश्वर से जीवंत संबंध का अनुभव है। वे समझाती हैं कि जब मन, वाणी और कर्म ईश्वर की ओर उन्मुख हो जाते हैं, तब भक्ति जीवन के प्रत्येक क्षण को साधना में बदल देती है।

Sanskar TV: मन को दबाएँ नहीं, दिशा दें
इस प्रेरक संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि मन पर नियंत्रण संघर्ष से नहीं, बल्कि जागरूकता, साधना और ईश्वर से जुड़ाव से आता है। वे समझाती हैं कि जब हम मन को दबाने के बजाय सही दिशा देना सीखते हैं, तब चिंता, भय और नकारात्मक विचार धीरे-धीरे शांति, संतुलन और आत्मबल में बदलने लगते हैं।

Sanskar TV: अतीत से सीखिए, पछतावे में मत जीइए
इस प्रेरक संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि जीवन का उद्देश्य अतीत की गलतियों में उलझे रहना नहीं, बल्कि उनसे सीखकर आगे बढ़ना है। वे समझाती हैं कि आत्मस्वीकार, क्षमा और वर्तमान क्षण में जागरूक होकर जीना ही हमें पछतावे के बोझ से मुक्त कर सच्ची शांति और आंतरिक स्वतंत्रता की ओर ले जाता है।

Sanskar TV: तनाव से शांति की ओर
इस प्रेरक संवाद में साध्वी भगवती सरस्वती जी बताती हैं कि मानसिक तनाव केवल बाहरी परिस्थितियों का परिणाम नहीं, बल्कि उनसे हमारे संबंध का प्रतिबिंब है। वे योग, ध्यान, श्वास, आत्मजागरूकता और आध्यात्मिक दृष्टि के माध्यम से समझाती हैं कि स्थायी शांति बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही उपलब्ध है।
लेख एवं स्तंभ
स्पिरिट ऑफ लाइफ़ — दैनिक जागरण iNext का साप्ताहिक स्तंभ साध्वी भगवती सरस्वती जी का साप्ताहिक स्तंभ "स्पिरिट ऑफ लाइफ़" भारत के प्रमुख समाचार पत्र दैनिक जागरण iNext में प्रत्येक गुरुवार प्रकाशित होता है। इस स्तंभ में वे आध्यात्मिकता, मानसिक शांति, संबंधों, जीवन के उद्देश्य और आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर पाठकों के प्रश्नों का उत्तर भारतीय ज्ञान परंपरा और व्यावहारिक जीवन-दृष्टि के साथ देती हैं। सभी लेख पढ़ें


हिन्दी में साध्वीजी से जुड़ें
हिन्दी में अपनी आध्यात्मिक यात्रा आगे बढ़ाएँ

English Videos
Looking for English-language interviews, international talks, and keynote presentations?
Explore Press & Media
Browse an extended collection of interviews, articles, and television appearances.
Watch Sadhviji on YouTube
Discover hundreds of interviews, podcasts, keynote talks, films, guided meditations, and spiritual teachings on Sadhviji's YouTube channel.
